संसद में लोकसभा के 8 सांसद सस्पेंड; राहुल गांधी को न बोलने देने को लेकर जबरदस्त हंगामा, चेयर की तरफ पेपर फाड़कर फेंके गए
Parliament Budget Session 2026 8 Lok Sabha MPs Suspended Rahul Gandhi
Parliament Budget Session: संसद के बजट सत्र में जबरदस्त हंगामा मचा हुआ है। विपक्ष का कहना है कि राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है। राहुल गांधी के बोलने से घबराई मोदी सरकार उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं राहुल गांधी को न बोलने देने को लेकर आज लोकसभा में हंगामा इस कदर बढ़ गया की विपक्ष की ओर से चेयर की तरफ पेपर फाड़कर फेंके गए। इस घटना को लेकर विपक्षी सांसदों पर कार्रवाई की गई है और 8 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही लोकसभा की कार्यवाही आज दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई है।
बाकी बचे बजट सत्र के लिए सस्पेंड
लोकसभा के इन 8 विपक्षी सांसदों को बाकी बचे बजट सत्र 2026 के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। यानि हंगामा करने और पेपर फाड़कर फेंकेने के आरोप में ये सभी 8 लोकसभा सांसद मौजूदा बजट सत्र में अब आगे शामिल नहीं हो पाएंगे। सस्पेंड होने वाले 8 सांसदों में 7 कांग्रेस सांसद हैं और 1 CPM सांसद। बता दें कि हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, मणिक्कम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पाडोले, एस. वेंकटेशन और डीन कुरियाकोस समेत कुल 8 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया है।
संसद के बाहर प्रदर्शन
8 सांसदों को सस्पेंड किए जाने के खिलाफ संसद के बाहर प्रदर्शन भी हुआ है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और दूसरे कांग्रेस सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर लोकसभा से 8 सांसदों के सस्पेंशन और भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "देश में लोकतंत्र है और लोकतंत्र में सभी को बोलने की इजाजत होनी चाहिए और सभी की बात सुननी चाहिए। बता दें कि भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर विपक्ष इस समय मोदी सरकार पर हमलावर है और इस समझौते को भारत के हितों के विपरीत बता रहा है।
लोकसभा से सस्पेंड होने के बाद कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा, हमारी गलती यह है कि हम सरकार के उस फैसले का विरोध कर रहे थे जिसमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा था। कल, विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बार-बार परेशान किया गया, और उन्हें बोलने नहीं दिया गया, और उनसे ऑथेंटिकेशन देने के लिए कहा गया। आज, वह ऑथेंटिकेशन लेकर आए और उन्होंने लेटर दिया और ऑथेंटिकेशन जमा किया। उसके बाद भी उन्होंने विपक्ष के नेता का भाषण रोक दिया। राहुल गांधी ने चीन, अमेरिकी टैरिफ के बारे में बात की। उसके बाद राहुल गांधी का माइक ले लिया गया, और हमने विरोध किया इसलिए हमें सस्पेंड कर दिया गया।
वहीं लोकसभा से सस्पेंड होने के बाद कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने कहा, "विपक्ष के नेता ने साफ तौर पर बताया कि वह संसद के अंद क्यों नहीं बोल पा रहे हैं ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के सामने जिस तरह से सरेंडर किया है, ट्रेड एग्रीमेंट कैसे साइन हुआ, और ट्रेड एग्रीमेंट में जो गड़बड़ियां हुई हैं। एपस्टीन एक ऐसा मामला है जिस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन इन सभी बातों पर चर्चा नहीं हुई है। हम सदन के अंदर और बाहर अपना विरोध जारी रखेंगे। हमारे आठ सांसद सस्पेंड हो गए हैं, लेकिन हम संसद के अंदर और बाहर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।"
बीजेपी ने इस पर क्या कहा?
सदन में राहुल गांधी को न बोलने देने और विपक्ष के मचे हंगामे को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "कांग्रेस वालों को लगता है कि सदन कांग्रेस पार्टी का दफ्तर है, आज तो हद हो गई। आज महासचिव की मेज पर चढ़कर दस्तावेज को फाड़ा गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण रवैया है। शायद ये लोग समझते हैं कि जब भी राज करेंगे तो गांधी खानदान के लोग ही राज करेंगे और चाय बेचने वाले का बेटा कभी राज नहीं कर सकता है। अगर सदन चलेगा तो नियम और कानून से चलेगा। सदन अनुशासनहीनता से नहीं चलेगा।"